
जैन समाज के लिए एक मंच
आप जहाँ भी हों, आपका समाज पास है।
जैन ध्यास · जैन विश्वास · जैन आवाज़
જૈન ધ્યાસ · જૈન વિશ્વાસ · જૈન અવાજ
Jain Dhyas · Jain Vishwas · Jain Awaz
पास का देरासर, स्थानक या उपाश्रय खोजिए। जानिए कौन-से महाराज साहेब आपके क्षेत्र में विराजमान हैं। अपने संघ की कार्यकारिणी तक पहुँचिए। जहाँ भी जाएँ, शुद्ध जैन भोजन पाइए।
- English, हिन्दी और ગુજરાતી
- हर संस्था के लिए नि:शुल्क
- दिगम्बर और श्वेताम्बर, दोनों
Chaumukha Temple, Ranakpur · © आभार
भारत भर के तीर्थ क्षेत्र: Shatrunjaya, Ranakpur, Dilwara, Shravanabelagola, Sammed Shikharji, Girnar, Sonagiri, Pawapuri, Kumbhariya, Khajuraho.
जैन समाचार
सब देखें- 📜 जैनत्व अहिंसा ग्रुप नियम एवं उद्देश्य
Jainworld ·
- Senior Jain Scholar Dr. S. P. Patil Passes Away
Jain Heritage Centres ·
- ಹಿರಯ ಜೈನ ವಿದ್ವಾಂಸರಾದ ಡಾ. ಎಸ್. ಪಿ. ಪಾಟೀಲರು ಇನ್ನಿಲ್ಲ
Jain Heritage Centres ·
ये हम प्रकाशित स्रोतों से संकलित करते हैं और सीधे उन्हीं से जोड़ते हैं। इनमें से कुछ भी हम नहीं लिखते।
01 — जैन वेव्स क्यों
यह मंच तीन कामों के लिए है।

खोजिए
मन्दिर, स्थानक, हॉल, दर्शन और शुद्ध जैन भोजन — आप जहाँ भी हों, उसी के आसपास। एक बार खोजिए और वही मिले जो सचमुच पास है, न कि पूरी सूची जिसे पढ़ते रहना पड़े।
- सम्प्रदाय, क्षेत्र और समय से छाँटिए
- आप जहाँ खड़े हैं वहाँ से दूरी
- जाँचे हुए दूरभाष

जुड़िए
आपके क्षेत्र का संघ, उसकी कार्यकारिणी, और आसपास के लोग — याद रखने की नहीं, पहुँचने की चीज़। हर प्रविष्टि उसी संस्था द्वारा सँभाली जाती है जिसकी वह है।
- कार्यकारिणी, उनके पदों सहित
- संघ अपनी प्रविष्टियाँ स्वयं सुधारते हैं
- डेटा कभी नहीं बिकता

अपनापन
समाज की एक आवाज़, आपके क्षेत्र से पूरे देश तक। आपके मोहल्ले में जो हुआ, उसे पहुँचने के लिए व्हाट्सएप फ़ॉरवर्ड की ज़रूरत नहीं होनी चाहिए।
- क्षेत्र, अंचल और राष्ट्रीय दायरा
- सामुदायिक दिशानिर्देशों से संचालित
- हर जैन परम्परा के लिए बना

परस्परोपग्रहो जीवानाम्
Parasparopagraho Jīvānām
जीव परस्पर एक-दूसरे का उपकार करते हैं।
तत्त्वार्थ सूत्र 5.21 — जैन प्रतीक पर अंकित सूत्र
02 — खोजिए
आप जहाँ भी हों, वहाँ क्या मिल सकता है।
सात निर्देशिकाएँ, हर एक उन्हीं समाजों के साथ बनाई गई जो ये स्थान चलाते हैं।
मन्दिर और देरासरसमय, पता और पहुँचने का मार्ग।आप इनसे छाँट सकेंगे — सम्प्रदाय · क्षेत्र · समय · सम्पर्क
स्थानक और उपाश्रयजहाँ आपका समाज एकत्र होता है।आप इनसे छाँट सकेंगे — सम्प्रदाय · क्षेत्र · समय · सम्पर्क
समाज-भवनआयोजनों और समारोहों के लिए हॉल।आप इनसे छाँट सकेंगे — क्षमता · सुविधाएँ · क्षेत्र · सम्पर्क
साधु-साध्वी दर्शनइस समय आपके क्षेत्र में कौन विराजमान हैं।आप इनसे छाँट सकेंगे — क्षेत्र · तिथियाँ · संघ · सम्पर्क
जैन भोजनशाला और भोजनालययात्रा में शुद्ध जैन भोजन।आप इनसे छाँट सकेंगे — क्षेत्र · प्रकार · समय · सम्पर्क
धर्मशालाएँ और तीर्थ-निवासक्षेत्रों के पास ठहरने के स्थान।आप इनसे छाँट सकेंगे — तीर्थ · सुविधाएँ · दर · सम्पर्क
तीर्थ यात्रा मार्गदर्शिकायात्रा की ठीक से योजना बनाइए।आप इनसे छाँट सकेंगे — अंचल · मार्ग · निवास · ऋतु
नवकार मन्त्र
हर जैन की पहली प्रार्थना, हर परम्परा में
णमो अरिहंताणं
Ṇamo Arihantāṇaṁ
मैं अरिहन्तों को नमस्कार करता हूँ, जो केवलज्ञानी हैं।
Arihant
णमो सिद्धाणं
Ṇamo Siddhāṇaṁ
मैं सिद्धों को नमस्कार करता हूँ, जो मुक्त आत्माएँ हैं।
Siddha
णमो आयरियाणं
Ṇamo Āyariyāṇaṁ
मैं आचार्यों को नमस्कार करता हूँ, जो संघ के नायक हैं।
Acharya
णमो उवज्झायाणं
Ṇamo Uvajjhāyāṇaṁ
मैं उपाध्यायों को नमस्कार करता हूँ, जो शास्त्र पढ़ाते हैं।
Upadhyaya
णमो लोए सव्वसाहूणं
Ṇamo Loe Savva-sāhūṇaṁ
मैं लोक के सभी साधुओं को नमस्कार करता हूँ।
Sadhu & Sadhvi
एसो पंच णमोक्कारो
Eso Pañca Ṇamokkāro
यह पंच नमस्कार
सव्वपावप्पणासणो
Savva-pāvappaṇāsaṇo
सब पापों का नाश करता है,
मंगलाणं च सव्वेसिं
Maṅgalāṇaṁ ca Savvesiṁ
और सब मंगलों में
पढमं हवइ मंगलं
Paḍhamaṁ Havai Maṅgalaṁ
पहला मंगल है।
दिगम्बर परम्परा आरम्भिक शब्द णमो लिखती है; अनेक श्वेताम्बर पाठों में नमो रहता है। दोनों सही हैं।
पाँच रंगों का अर्थ
ये जैन ध्वज के पाँच रंग हैं। हर पट्टी पंच परमेष्ठी में से एक की प्रतीक है, और वही पाँच ऊपर के मन्त्र की आरम्भिक पंक्तियों में हैं।
Arihant
अरिहंत
जो अरिहन्त हैं, जिन्होंने अपने भीतर के कषायों को जीत लिया
- ध्वज-रंग
- श्वेत
- सम्बद्ध व्रत
- अहिंसा
Siddha
सिद्ध
जो सिद्ध हैं, जिन्होंने मोक्ष प्राप्त कर लिया
- ध्वज-रंग
- लाल
- सम्बद्ध व्रत
- सत्य
Acharya
आचार्य
जो आचार्य हैं, संघ के नायक
- ध्वज-रंग
- पीत
- सम्बद्ध व्रत
- अस्तेय
Upadhyaya
उपाध्याय
जो उपाध्याय हैं, शास्त्रों का अध्यापन करते हैं
- ध्वज-रंग
- हरा
- सम्बद्ध व्रत
- ब्रह्मचर्य
Sadhu & Sadhvi
साधु
लोक के समस्त साधु और साध्वी
- ध्वज-रंग
- गहरा नीला
- सम्बद्ध व्रत
- अपरिग्रह
शीघ्र आ रहा है
सूचीबद्ध संस्थाएँ
हर जाँचा हुआ मन्दिर, स्थानक, हॉल और भोजनशाला गिना जाता है।
शीघ्र आ रहा है
सम्मिलित नगर
कम से कम एक जाँची हुई सूची वाले नगर।
शीघ्र आ रहा है
समाज-प्रविष्टियाँ (महाराष्ट्र)
महाराष्ट्र की प्रविष्टियाँ — केवल ऐप में, लॉगिन के पीछे।
0
उपलब्ध भाषाएँ
पहले दिन से English, हिन्दी और ગુજરાતી।
हर निर्देशिका की जाँच पूरी होते ही आँकड़े प्रकाशित होंगे।

Jain manuscript folio · © आभार
03 — ऐप
वे भाग जो केवल जेब में ही काम करते हैं।
वेबसाइट बताती है कहाँ और कौन। ऐप बताता है कब — और आपके क्षेत्र को बोलने देता है।
- दर्शन सूचना
- कोई महाराज साहेब अथवा साध्वीजी आपके पास विराजमान हों तो बिना पूछताछ के पता चल जाए।
- आपके क्षेत्र का समूह
- उसी क्षेत्र का समूह जहाँ आप सचमुच रहते हैं, न कि हज़ार सदस्यों की प्रसारण-सूची।
- जैन आवाज़
- अपने क्षेत्र, अंचल अथवा पूरे देश तक लिखिए, ऐसे संचालन के साथ जिसके नियम आप पढ़ सकते हैं।
- जाँचे हुए सम्पर्क
- संघ और कार्यकारिणी के नम्बर, जिन्हें संघ स्वयं अद्यतन रखते हैं।
यह अभी क्या नहीं करता: न विवाह-सेवा, न भुगतान, न सदस्यों के बीच सन्देश। ये जानबूझकर छोड़े गए हैं, भूली हुई कमियाँ नहीं।

04 — आज
पंचांग खोलेंआज
शीघ्र प्रकाशित होगा
तिथि
शीघ्र प्रकाशित होगा
अगला पर्व
शीघ्र प्रकाशित होगा
मुख्य आराधनाएँ
- पर्युषण पर्व
- दस लक्षण पर्व
- महावीर जन्म कल्याणक
- दीपावली / नूतन वर्ष
- आयंबिल ओळी
- अक्षय तृतीया
तिथियाँ आगामी संस्करण में जैन कैलेण्डर से गणना होंगी। जिस तिथि की गणना हमने नहीं की, उसे हम छापेंगे नहीं।
05 — संघों और संस्थाओं के लिए
आपकी सूची, आपके अपने शब्दों में।
क्या आपका देरासर, स्थानक अथवा संघ सही सूचीबद्ध है? समाज-केन्द्र के संचालक अपनी सूची पर अधिकार लेकर अपने क्षेत्र की जानकारी सही रख सकते हैं — समय, सम्पर्क, कार्यकारिणी, आयोजन।
आपके नियन्त्रण में क्या
- समय, पर्वों पर होने वाले परिवर्तन सहित
- सम्पर्क नम्बर और पता
- कार्यकारिणी और उनके पद
- आयोजन और घोषणाएँ
- आपके अपने छायाचित्र
यह कैसे चलता है
- 1बताइए आप किस संस्था के प्रतिनिधि हैं
- 2हम संघ से पुष्टि करते हैं
- 3उसके बाद सूची आप स्वयं सुधारते हैं
इसका मूल्य क्या
कुछ नहीं, स्थायी रूप से। न सूची-शुल्क, न विशेष स्थान, न धार्मिक सूचियों पर विज्ञापन। यदि यह कभी बदले, तो नई व्यावसायिक सेवाओं के लिए बदलेगा — किसी मन्दिर, स्थानक अथवा संघ के लिए कभी नहीं।

Hutheesing Jain Temple · Ahmedabad, Gujarat · © आभार
सीधे उत्तर
हमारी सूची कौन बदल सकता है?
केवल वे लोग जिन्हें संघ नामित करे। अधिकार देने से पहले हम संस्था से पुष्टि करते हैं, और संघ जब चाहे वह अधिकार वापस ले सकता है।
हमारे विवरण का क्या होता है?
वह आपका ही रहता है। जो आप कहें वही हम प्रकाशित करते हैं, उसे बेचते नहीं, और विज्ञापनदाताओं को नहीं देते। आप अपनी सूची हटाने को कह सकते हैं।
क्या हमें ऐप चाहिए?
नहीं। संस्था को जो कुछ सँभालना है वह सब वेबसाइट पर चलेगा। ऐप सदस्यों के लिए है।
क्या कोई शुल्क है?
नहीं। धार्मिक और सामुदायिक संस्थाओं के लिए सूचीबद्ध होना और सम्पादन करना स्थायी रूप से नि:शुल्क है।









06 — हमारा मार्गदर्शन
तीन सिद्धान्त, सॉफ़्टवेयर पर लागू।

अहिंसा
हम सौम्यता से बनाते हैं। न आक्रोश, न ध्यान खींचने के जाल, न धार्मिक सूचियों पर विज्ञापन, न आपको बाँधे रखने वाले छल। उपयोगिता को आपका प्रश्न हल करके आपको जाने देना चाहिए।
अनेकान्तवाद
अनेक दृष्टियाँ, एक मंच। दिगम्बर और श्वेताम्बर — मूर्तिपूजक, स्थानकवासी और तेरापन्थ — इस स्थल पर सर्वत्र समान हैं। कोई सम्प्रदाय डिफ़ॉल्ट नहीं, ऊपर नहीं, प्रिय नहीं, और कोई सूची भुगतान लेकर आगे नहीं बढ़ाई जाती।
अपरिग्रह
आपके प्रश्न का उत्तर देने भर का डेटा हम लेते हैं, और उसे कभी बेचते नहीं। न विज्ञापन के लिए ट्रैकिंग, न आपकी खोजों से बनी कोई प्रोफ़ाइल, न समाज-प्रविष्टियों का विक्रय।
Parasparopagraho Jīvānām
जीव परस्पर एक-दूसरे का उपकार करते हैं। — तत्त्वार्थ सूत्र 5.21
जैन प्रतीक चिह्न, जिसे महावीर के निर्वाण की 2500वीं वर्षगाँठ पर 1974–75 में सभी जैन परम्पराओं ने अपनाया। ऊपर का चाप सिद्धशिला है, तीन बिन्दु रत्नत्रय, उठा हुआ हाथ अहिंसा, और उसके भीतर का चक्र धर्म।
यहाँ स्वस्तिक कल्याण का प्राचीन भारतीय पवित्र चिह्न है, जो जैन आचार में सदियों से प्रयुक्त है। उसकी चार भुजाएँ संसार की चार गतियों की प्रतीक हैं।
07 — धार्मिक सूचियों पर विज्ञापन नहीं
लोग जो पूछते हैं
- धार्मिक सूचियों पर विज्ञापन नहीं
- समाज का डेटा कभी नहीं बिकता
- हर संस्था के लिए नि:शुल्क
- English, हिन्दी और ગુજરાતી में उपलब्ध

क्या यह सचमुच नि:शुल्क है?
हाँ — उपयोग करने वाले हर व्यक्ति के लिए और सूचीबद्ध हर संस्था के लिए। धार्मिक सूचियों पर न विज्ञापन हैं, न भुगतान लेकर दिया गया स्थान। आगे व्यापारों के लिए कुछ सेवाएँ सशुल्क हो सकती हैं; मन्दिर, स्थानक और संघ कभी नहीं।
जैन वेव्स के पीछे कौन है?
समाज के ही कुछ लोगों की छोटी टीम, नवी मुम्बई से। हमारा पता, ईमेल और दूरभाष पाद में हैं — हम तक पहुँचा जा सकता है।
कौन-सी परम्पराएँ सम्मिलित हैं?
सभी। दिगम्बर और श्वेताम्बर, जिनमें मूर्तिपूजक, स्थानकवासी और तेरापन्थ भी। सर्व-जैन समभाव हमारे लिए नारा नहीं, स्वयं पर लगाया गया नियम है।
आप किसी सूची की जाँच कैसे करते हैं?
प्रकाशित करने से पहले हम उस संघ अथवा ट्रस्ट से पुष्टि करते हैं जो संस्था चलाता है, और उसके बाद संस्था स्वयं उसे अद्यतन रखती है। जो अपुष्ट है उसे चुपचाप प्रकाशित करने के बजाय वैसा ही चिह्नित किया जाता है।
ऐप कब आ रहा है?
पहले Android, फिर iOS। हम ऐसी तिथि नहीं बताएँगे जिसे निभा न सकें — प्रतीक्षा-सूची में जुड़िए, खुलने पर एक बार सूचना मिलेगी।

अपने समाज को एक मंच पर लाइए।
हर संघ, हर देरासर और हर स्थानक के लिए नि:शुल्क — तीनों भाषाओं में।
जैन ध्यास · जैन विश्वास · जैन आवाज़
જૈન ધ્યાસ · જૈન વિશ્વાસ · જૈન અવાજ
Jain Dhyas · Jain Vishwas · Jain Awaz
